Osho Quotes in Hindi _ ओशो के महान विचार
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ओशो का मूल नाम चन्द्र मोहन जैन था। वे अपने पिता की ग्यारह संतानो में सबसे बड़े थे। उनका जन्म मध्य प्रदेश में रायसेन जिले के अंतर्गत आने वाले कुचवाडा ग्राम में हुआ था।
ओशो शब्द की मूल उत्पत्ति के सम्बन्ध में कई धारणायें हैं। एक मान्यता के अनुसार, खुद ओशो कहते है कि ओशो शब्द कवि विलयम जेम्स की एक कविता 'ओशनिक एक्सपीरियंस' के शब्द 'ओशनिक' से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'सागर में विलीन हो जाना। शब्द 'ओशनिक' अनुभव का वर्णन करता है, वे कहते हैं, लेकिन अनुभवकर्ता के बारे में क्या? इसके लिए हम 'ओशो' शब्द का प्रयोग करते हैं। अर्थात, ओशो मतलब- 'सागर से एक हो जाने का अनुभव करने वाला'। वे एक आध्यात्मिक गुरु थे, तथा भारत व विदेशों में जाकर उन्होने प्रवचन दिये।
वे एक आध्यात्मिक गुरु थे, तथा भारत व विदेशों में जाकर उन्होने प्रवचन दिये।
रजनीश ने अपने विचारों का प्रचार करना मुम्बई में शुरू किया, जिसके बाद, उन्होंने पुणे में अपना एक आश्रम स्थापित किया, जिसमें विभिन्न प्रकार के उपचारविधान पेश किये जाते थे । तत्कालीन भारत सरकार से कुछ मतभेद के बाद उन्होंने अपने आश्रम को ऑरगन, अमरीका में स्थानांतरण कर लिया। १९८५ में एक खाद्य सम्बंधित दुर्घटना के बाद उन्हें संयुक्त राज्य से निर्वासित कर दिया गया और २१ अन्य देशों से ठुकराया जाने के बाद वे वापस भारत लौटे और पुणे के अपने आश्रम में अपने जीवन के अंतिम दिन बिताये।
उनकी मृत्यु के बाद, उनके आश्रम, 'ओशो इंटरनॅशनल मेडिटेशन रेसॉर्ट' को जूरिक आधारित ओशो इंटरनॅशनल फाउंडेशन चलाती है, जिसकी लोकप्रियता उनके निधन के बाद से अधिक बढ़ गयी है।
1 लाख से भी ज्यादा किताबे पढ़ी ओशो ने
ओशो ने पहले दुनियाभर के ज्ञानियों के लिखे को खंगाला, उस पर सोचा-समझा और फिर जो अच्छा लगा उसे जहन में बिठा लिया और जो बकवास था उसे भूला दिया । ओशो ने अपने जीवन में डेढ़ लाख किताबें पढ़ी थीं। उन्होंने अपनी एक लाइब्रेरी भी बनाई थी, जिसका नाम ‘लाआत्सु पुस्तकालय’ है । ओशो ने अपनी मृत्यु से पहले कहा था कि इस पुस्तकालय की सभी किताबों को तालों में बंद कर दिया जाए. ये आम लोगों के लिए नहीं हैं. ये उन्हीं के लिए हैं, जो उन पर शोध कर रहे हों । उन्हें भी एक बार में अधिकतम तीन किताबें ही मिल सकती हैं.
वैसे, ओशो को सुनने और पढ़ने में जो अद्भुत ज्ञान दिखता है, उससे ये डेढ़ लाख वाली बात मानने में कोई बुराई नहीं है । बंदा उपनिषदों से शुरू करता है और कॉलिन विल्सन की ‘द आउटसाइडर’ पर आकर रुकता है. उनकी प्रिय किताबों में मिखाइल नाइमे की ‘द बुक ऑफ मिरदाद’, जिद्दू कृष्णामूर्ति की ‘द फर्स्ट एंड लास्ट फ्रीडम’, लाओत्सु की ताओ ती चिंग, उमर खय्याम की ‘रुबाईयत’, मेबल कोलन्स की ‘लाइट आॅफ दी पाथ’ आदि हैं. ओशो ने प्लेटो, नीत्शे, फ्रायड, अरस्तू, दोस्तोवस्की, फ्रेडरिक, सुकरात, शोपेनहावर, कबीर, नानक, बुद्ध, महावीर सबको पढ़ा. उसने अपनी पढ़ी किताबों पर एक किताब ही लिख दी, जिसका नाम है ‘बुक्स आई हैव लव्ड’. इसे उन्होंने खुद नहीं लिखा था, बल्कि बोलकर अपने उस डेंटिस्ट से लिखवाया था, जिसके पास उनका इलाज चल रहा था. इसमें ओशो ने ऐसी 160 मस्ट रीड किताबों का जिक्र किया है, जिसने उसे सबसे अधिक प्रभावित किया. एक-एक किताब के बारे में डिटेल में लिखा है. एक और खास बात, ओशो ने सबका लिखा पढ़ा, लेकिन खुद कभी एक शब्द भी अपने हाथ से नहीं लिखा। अपना सारा ज्ञान उसने रिकॉर्ड करवाया. आप ओशो की जितनी भी किताबें देखते हैं, वे सब रिकॉर्डेड ऑडियो के आधार पर लिखी गई हैं.
Books recommanded by osho | ओशो द्वारा पढ़ी हुई किताबे जो पढ़ने लायक है ।।
1. कृष्ण स्मृति और गीता दर्शन : ये दो किताबें ओशो द्वारा कृष्ण के बहुआयामी व्यक्तित्व पर दी गई 21 वार्ताओं और नवसंन्यास पर दिए गए एक विशेष प्रवचन का खास संकलन है। 'गीता दर्शन' नाम से उनकी इस प्रवचनमाला को सुनना या पढ़ना ऐसा है मानो महाभारत के युद्ध में स्वयं खड़े होकर कृष्ण को सुनना। यही वह प्रवचनमाला है जिसके दौरान ओशो के साक्षित्व में संन्यास ने नए शिखर को छूने के लिए उत्प्रेरणा ली और 'नव-संन्यास अंतरराष्ट्रीय' की संन्यास दीक्षा का सूत्रपात हुआ। कृष्ण और गीता को समझना हो तो इससे बेहतर कोई दुनिया की प्रवचनमाला नहीं हो सकती।
2. एस धम्मो सनंतनो : भगवान कृष्ण के बाद यदि कोई ईश्वरतुल्य व्यक्ति है तो वह बुद्ध ही है। बुद्ध धर्म का अंतिम मार्ग और वक्तव्य है। बुद्ध के बाद अब किसी को अवतार लेने की जरूरत नहीं और किसी को धर्म समझाने की जरूरत नहीं रह जाती। नए दार्शनिकों के होने का कोई महत्व नहीं। एस धम्मो सनंतनो बुद्ध के प्रवचन और जीवन पर ओशो को सुनते हुए लगता है कि हम जेतवन में बैठकर स्वयं बुद्ध को ही सुन रहे हैं। इस प्रवचनमाला को सुनकर या पढ़कर आप खुद से पूछेंगे कि अब तक का जीवन मैं व्यर्थ क्यूं गंवा बैठा? मैंने पहले यह अमृत क्यों नहीं चखा?
3. महावीर वाणी : ओशो की इस प्रवचनमाला को सुनना ऐसा ही है, जैसे किसी घने जंगल के बीच शांत झील के पास बैठकर पक्षियों के मधुर स्वर को सुनते हुए ज्ञान को उपलब्ध हो जाने जैसा अनुभव। भगवान महावीर पर ओशो के ये प्रवचन जीवन और ब्रह्मांड के रहस्यों से पर्दा उठाते हैं। सचमुच इसे सुनकर आपका मन करेगा जैन धर्म में दीक्षा लेकर साधु बनने का।
4. संभोग से समाधि की ओर : यह ओशो की सबसे चर्चित और विवादित किताब है जिसमें ओशो ने 'काम ऊर्जा' का विश्लेषण कर उसे अध्यात्म की यात्रा में सहयोगी बताया है। साथ ही यह किताब 'काम' और उससे संबंधित सभी मान्यताओं और धारणाओं को एक सकारात्मक दृष्टिकोण देती है। ओशो कहते हैं 'काम पाप नहीं। यह भगवान तक पहुंचने का पहला पायदान है।'
5. ध्यान योग, प्रथम और अंतिम मुक्ति : ओशो का एकमात्र संदेश है ध्यान। ध्यान पर उन्होंने जो प्रवचन दिए उनमें से ध्यान योग, प्रथम और अंतिम मुक्ति नामक प्रवचनमाला सबसे उत्तम है। यह ओशो द्वारा ध्यान पर दिए गए गहन प्रवचनों का संकलन है। इसमें ध्यान की अनेक विधियों का वर्णन है। ये विधियां प्रत्येक व्यक्ति की सहायता कर सकती हैं। आपके लिए ध्यान की कौन-सी विधि कारगर सिद्ध होगी इसके लिए आपको इसे पहले से आखिरी पेज तक पढ़ना जरूरी है। कोई विधि आजमाने के लिए इस किताब का इस्तेमाल अंत:प्रेरणा से करें।
6. ग्लिम्प्सेज ऑफ गोल्डन चाइल्डहुड : यह किताब हर पिता को पढ़ना चाहिए। इसमें ओशो ने अपने बचपन के दिनों और बच्चे की मानसिकता को बहुत ही सुंदर तरीके से कहा है। इस किताब में उन्होंने अपने बचपन के अलावा बीच-बीच में धर्म, इतिहास और राजनीति की ऐसी बातों का भी जिक्र किया है जिसे कम ही लोग जानते होंगे।
7. पतंजलि योग सूत्र : पतंजलि योग सूत्र, योग के रहस्य को उजागर करता है। असल में धर्म का मार्ग यही है। मन से मुक्त होकर मोक्ष तक पहुंचने का एक प्रायोगिक और वैज्ञानिक मार्ग, जिस पर चलकर कोई भी मोक्ष का द्वार खटखटा सकता है। यह किताब अद्भुत है। इसे पढ़ने के बाद आपके दिमाग से धर्म का नशा उतर सकता है। पतंजलि ने धर्म के मार्ग को 8 भागों में बांटकर योग का मार्ग बना दिया है। कहना चाहिए कि योग का मार्ग ही असल में धर्म का मार्ग है।
8. देख कबीरा रोया : स्वर्णिम भारत, भारत एक सनातन यात्रा और भारत एक अनूठी सम्पदा आदि ऐसी किताबें हैं जिसमें ओशो ने भारत के संदर्भ में रहस्यों को उजागर किया है। ओशो ने भारतीय रहस्यदर्शियों और भारत के अतीत व भविष्य पर एक प्रवचनमाला की शुरुआत की थी। उन्हीं प्रवचनमालाओं में से कुछ प्रवचनों को निकालकर ये किताबें बनीं। 'देख कबीरा रोया' नाम से यह एक प्रवचनमाला थी जिसमें सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं पर प्रश्नोत्तर सहित ओशो द्वारा दिए गए 22 प्रवचन संकलित हैं। इसमें भारत के जलते प्रश्नों के समाधान बताए गए हैं। प्रत्येक भारतीय को ये किताबें पढ़ना चाहिए। यदि आप भारत को नहीं जानना चाहते हैं, तो ये किताब न पढ़ें।
9. मैं मृत्यु सिखाता हूं : इस किताब के माध्यम से ओशो समझाते हैं कि जन्म और मृत्यु एक ही सिक्के को दो पहलू हैं। जन्म और मृत्यु को मिलाकर ही पूरा जीवन बनता है। जो अपने जीवन को सही और पूरे ढंग से नहीं जी पाते, वही मृत्यु से घबराते हैं। सच तो यह है कि ओशो जीवन को पूरे आनंद के साथ जीने की कला सिखाते हैं और यही कला मृत्यु के भय से हमें बचाती और जगाती है।
10. विज्ञान भैरव तंत्र : इसी में शिव सूत्र और तंत्र सूत्र की रहस्यमयी बातों का जिक्र है। जो धर्म के गहरे रहस्यों को जानकर सिद्धियां प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें 'विज्ञान भैरव तंत्र' और 'कठोपनिषद' को जरूर पढ़ना चाहिए।
विज्ञान भैरव तंत्र का चिंतन आधुनिक मनोविज्ञान की खोज एनएलपी (न्यूरो लिंग्विस्टिक प्रोसेस) से मिलती-जुलती है। एनएलपी का मूल विचार यह है कि सभी की 5 इंद्रियां होती हैं, लेकिन हर व्यक्ति में उनमें से कोई एक इंद्रिय ज्यादा सक्रिय होती है। किसी की आंख अधिक तेज होती है, तो किसी के कान। कोई स्पर्श के प्रति अधिक संवेदनशील होता है, तो कोई स्वाद के प्रति। जिस व्यक्ति की जो इंद्रिय अधिक संवेदनशील या जाग्रत होती है, उससे संबंधित अभिव्यक्ति का उपयोग कर उसे कोई बात जल्दी समझाई जा सकती है। इस तकनीक का प्रयोग सम्मोहन शास्त्र में भी किया जाता है। -मा अमृत साधना
वो 20 वीं सदी के सबसे ज्यादा किताबें पढ़ने वाले व्यक्ति थे | उनका ज्ञान पूरे मानव समाज के लिए वरदान है | वो आचार्य रजनीश, भगवान रजनीश, ओशो और भी कई नामों से प्रसिद्द हैं | आइए, उनके महान और अनमोल विचारों को जानते हैं |
( Osho Quotes in Hindi ) ओशो के महान विचार
ओशो (Osho Quote) 1.
"जीवन “ठहराव और गति” के बीच का संतुलन है |"
ओशो (Osho Quote) 2.
"केवल वो, जो कुछ भी नहीं बनने के लिए तैयार है, प्रेम कर सकता है |"
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 3.
"आप कोई चुनाव मत करिए | जीवन को ऐसे अपनाइए, जैसे वो अपनी समग्रता में है |"
ओशो (Osho Quote) 4.
"अगर आप सही में सच को देखना चाहते हैं तो आप ना हीं सहमति और ना हीं असहमति में अपनी राय रखिए |"
ओशो (Osho Quote) 5.
"आपको किसी से किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता नहीं है | आप स्वयं में जैसे हैं, एकदम सही हैं | खुद को स्वीकार कीजिए |"
| Osho Quotes in Hindi |
( Osho Quotes in Hindi | ओशो के विचार )
ओशो (Osho Quote) 6.
"मूर्ख दूसरों पर हँसते हैं मगर बुद्धिमान खुद पर हँसते हैं |"
ओशो (Osho Quote) 7.
"जब दिल में प्यार और नफरत दोनों हीं न हो तो हर चीज साफ़ और स्पष्ट हो जाती है |"
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 8.
"मनुष्य खुद ईश्वर तक नहीं पहुँचता है, बल्कि जब वह तैयार होता है तो ईश्वर खुद उसके पास आ जाते हैं |"
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ओशो (Osho Quote) 9.
"सारी शिक्षा व्यर्थ है, सारे उपदेश व्यर्थ है, अगर वे तुम्हें अपने भीतर डूबने की कला को नहीं सिखाते |"
ओशो (Osho Quote) 10.
"कोई व्यक्ति भले हीं लाखों चीजें जान ले, चाहे वह पूरे जगत को हीं जान ले | अगर वह स्वयं को नहीं जानता है तो वह अज्ञानी है |"
| Osho Quotes in Hindi |
[ Spiritual Osho Quotes in Hindi | ओशो के सुविचार ]
ओशो (Osho Quote) 11.
"जहाँ पर डर खत्म होता है, वहाँ से जीवन शुरू होता है |"
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 12.
"जब मैं कहता हूँ कि आप लोग देवी – देवता हैं तो मेरा मतलब होता है कि आप में अनंत संभावनाएँ है और आपकी क्षमताएँ अनंत हैं |"
ओशो (Osho Quote) 13.
"जीवन कोई त्रासदी नहीं है, ये एक विनोदप्रियता है | जीवित रहने का मतलब है हास्य का बोध होना |"
ओशो (Osho Quote) 14.
"अधिक से अधिक भोले, कम ज्ञानी और बच्चों की तरह बनिए | जीवन को मजे के रूप में लीजिए, क्योंकि सही मायने में यहीं जीवन है |"
ओशो (Osho Quote) 15.
"मित्रता शुद्धतम प्रेम है | ये प्रेम का सर्वोच्च रूप है, जहाँ कुछ भी माँगा नहीं जाता, कोई शर्त नहीं होती | जहाँ बस देने में आनंद आता है | "
( Osho Thoughts in Hindi | ओशो के सुविचार )
ओशो (Osho Quote) 16.
" अँधेरा, प्रकाश की अनुपस्थिति है और अहंकार, जागरूकता की अनुपस्थिति है | "
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 17.
" अगर आप कुछ और होना चाहते हैं जो कि आप नहीं हैं, यहीं तनाव का अर्थ है | "
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 18.
" अपने मन में जाओ, अपने मन का विश्लेषण करो | कहीं न कहीं तुमने खुद को धोखा दिया है | "
ओशो (Osho Quote) 19.
" खुद में जीवन का कोई अर्थ नहीं, जीवन अर्थ बनाने का अवसर है | "
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 20.
" भींड़ भ्रम पैदा करती है | "
( Osho Quotes on Life in Hindi | ओशो के सुविचार )
ओशो (Osho Quote) 21.
" साहस, अज्ञात के साथ एक प्रेम संबंध है | "
ओशो (Osho Quote) 22.
" जिसके पास जितना कम ज्ञान होगा | वो उतना हीं अपने ज्ञान के प्रति हठी होगा | "
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 23.
" सितारों को देखने के लिए एक निश्चित अँधकार की जरुरत पड़ती है | "
ओशो (Osho Quote) 24.
" विश्वास और धारणा के बीच बहुत अंतर है | विश्वास निजी है मगर धारणा सामाजिक | "
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 25.
" मैं तो दो हीं शब्दों पर जोर देता हूँ – “प्रेम और ध्यान” | ये दोनों हीं मेरे लिए अस्तित्व के मंदिर के विराट दरवाजे हैं | एक का नाम प्रेम, एक का नाम है ध्यान | चाहो तो प्रेम से प्रवेश कर जाओ, चाहो तो ध्यान से प्रवेश कर जाओ | शर्त एक हीं है – अहंकार दोनों में छोड़ना पड़ता है। "
ओशो (Osho Quote) 26.
"अनुशासन क्या है? अनुशासन का मतलब आपके भीतर एक व्यवस्था निर्मित करना है । "
ओशो (Osho Quote) 27.
"तुम जीवन में तभी अर्थ पा सकते हो जब तुम इसे निर्मित करते हो. जीवन एक कविता है जिसे लिखा जाना चाहिए. यह गाया जाने वाला गीत, किया जाने वाला नृत्य है. "
ओशो (Osho Quote) 29.
"कोई विचार नहीं, कोई बात नहीं, कोई विकल्प नहीं – शांत रहो, अपने आप से जुड़ो "
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 30.
"तुम्हें अगर कुछ हानिकारक करना हो तभी ताकत की जरूरत पड़ेगी वरना तो प्रेम पर्याप्त है, करुणा पर्याप्त है."
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 31.
" अंधेरा, प्रकाश की अनुपस्थिति है. अहंकार, जागरूकता की अनुपस्थिति है । "
ओशो (Osho Quote) 32.
" किसी के साथ किसी भी प्रतियोगिता की कोई ज़रूरत नहीं है । तुम जैसे हो अच्छे हो । अपने आप को स्वीकार करो । "
ओशो (Osho Quote) 33.
" जब भी कभी तुम्हें डर लगे, तलाशने का प्रयास करो. और तुमको पीछे छिपी हुई मृत्यु मिलेगी. सभी भय मृत्यु के हैं. मृत्यु एकमात्र भय-स्रोत है । "
ओशो (Osho Quote) 34.
"एक भीड़, एक राष्ट्र, एक धर्म, एक जाति का नहीं पूरे अस्तित्व का हिस्सा बनो. अपने को छोटी चीज़ों के लिए क्यों सीमित करना जब संपूर्ण उपलब्ध है? "
ओशो (Osho Quote) 35.
" जितनी ज़्यादा ग़लतियां हो सकें उतनी ज़्यादा ग़लतियां करो. बस एक बात याद रखना: फिर से वही ग़लती मत करना. और देखना, तुम प्रगति कर रहे होगे । "
ओशो (Osho Quote) 36.
" तलाशो मत, पूछो मत, ढूंढो मत, खटखटाओ मत, मांगो मत – शांत हो जाओ. तुम शांत हो जाओगे – वो आ जाएगा. तुम शांत हो जाओगे – उसे यहीं पाओगे. तुम शांत हो जाओगे तो अपने को उसके साथ झूलते हुए पाओगे । "
ओशो (Osho Quote) 37.
" इससे पहले कि तुम चीजों की इच्छा करो, थोड़ा सोच लो. हर संभावना है कि इच्छा पूरी हो जाए, और फिर तुम कष्ट भुगतो । "
ओशो (Osho Quote) 38.
कैद के अलावा कुछ भी दुःख नहीं है.
ओशो (Osho Quote) 39.
" जो ‘जानता’ है वो जानता है कि बताने की कोई ज़रूरत नहीं. जानना काफ़ी है । "
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 40.
" तनाव का अर्थ है कि आप कुछ और होना चाहते हैं जो कि आप नहीं हैं । "
ओशो (Osho Quote) 41.
" वासना एक भौतिक घटना है, अहंकार मनोवैज्ञानिक , प्रेम आध्यात्मिक । "
| Osho Quotes in Hindi |
ओशो (Osho Quote) 42.
"अपने मन में जाओ, अपने मन का विश्लेषण करो. कहीं न कहीं तुमने खुद को धोखा दिया है ।"
ओशो (Osho Quote) 43.
" खुद में जीवन का कोई अर्थ नहीं. जीवन अर्थ बनाने का अवसर है । "
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उमिद्द
है आपको ये शानदार पोस्ट पसन्द आया होगा | हमारा मकशद हमारे महापुरुषो और महामानवो
द्वारा कहे गए अनमोल विचारो को आम जनता तक पहुचाना और समाज मे लोगो के सोच और विचारो
मे सुधार लाना है | हम इसके लिए तत्पर्य है |
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